अभ्यर्थियों को निशाना बनाने वाले Telegram और WhatsApp स्कैम

सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को SSC, रेलवे, पुलिस और बैंकिंग परीक्षाओं की जानकारी अक्सर Telegram चैनल और WhatsApp ग्रुप से मिलती है। लेकिन इन्हीं प्लेटफॉर्म पर फर्जी भर्ती, नकली एडमिट कार्ड, पेपर लीक के झूठे दावे और ऑनलाइन कमाई के नाम पर धोखाधड़ी भी होती है। इसलिए अभ्यर्थियों को निशाना बनाने वाले Telegram और WhatsApp स्कैम को पहचानना हर विद्यार्थी और नौकरी तलाशने वाले के लिए जरूरी है।

Telegram और WhatsApp पर कौन-से स्कैम होते हैं?
1. फर्जी भर्ती और नियुक्ति पत्र
स्कैमर सरकारी विभाग या भर्ती आयोग का नाम इस्तेमाल करके नकली वैकेंसी भेजते हैं। वे रजिस्ट्रेशन, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन या नियुक्ति की गारंटी के नाम पर पैसे माँग सकते हैं। दिल्ली पुलिस की सलाह के अनुसार, नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी रकम माँगना धोखाधड़ी का प्रमुख संकेत है।
2. ऑनलाइन टास्क और पार्ट-टाइम जॉब स्कैम
इन स्कैम में अभ्यर्थियों को वीडियो लाइक करने, वेबसाइट रेटिंग देने या ऑनलाइन समीक्षा लिखने के बदले कमाई का लालच दिया जाता है। शुरुआत में छोटी रकम देकर भरोसा बनाया जा सकता है, फिर अधिक कमाई के लिए जमा राशि माँगी जाती है। बाद में पैसा निकालना मुश्किल हो जाता है।
भारत सरकार ने पहले ऐसे टास्क-आधारित जॉब फ्रॉड से जुड़ी 100 से अधिक वेबसाइटों की पहचान और उन्हें ब्लॉक करने की कार्रवाई की जानकारी दी थी। PIB की आधिकारिक रिपोर्ट
3. नकली पेपर लीक और परीक्षा अपडेट
कुछ चैनल असली प्रश्नपत्र, रिजल्ट या एडमिट कार्ड देने का दावा करते हैं और बदले में पैसे माँगते हैं। कई बार डाउनलोड लिंक के जरिए निजी जानकारी चुराने की कोशिश भी की जाती है। परीक्षा से जुड़ी जानकारी हमेशा संबंधित आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से सत्यापित करें।
इन स्कैम का कितना बड़ा खतरा है?
गृह मंत्रालय के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से मार्च 2024 के दौरान WhatsApp से जुड़े साइबर फ्रॉड की 43,797 और Telegram से जुड़े फ्रॉड की 22,680 शिकायतें दर्ज हुई थीं। ये आँकड़े सभी प्रकार के साइबर फ्रॉड से संबंधित हैं, केवल भर्ती स्कैम या छात्र पीड़ितों से नहीं। रिपोर्ट पढ़ें
Telegram और WhatsApp स्कैम से कैसे बचें?
- नौकरी की सूचना SSC, RRB या संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाँचें।
- किसी अनजान व्यक्ति को रजिस्ट्रेशन या चयन की गारंटी के लिए पैसे न दें।
- OTP, UPI PIN, बैंक पासवर्ड या संवेदनशील दस्तावेज साझा न करें।
- संदिग्ध लिंक, APK फाइल और अज्ञात ऐप डाउनलोड करने से बचें।
- केवल ग्रुप में साझा किए गए स्क्रीनशॉट या भुगतान के प्रमाण पर भरोसा न करें।
- संदिग्ध नंबर और Telegram हैंडल की सूचना National Cyber Crime Reporting Portal पर दें।
अगर स्कैम हो जाए तो क्या करें?
यदि पैसे चले गए हैं, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। चैट, फोन नंबर, भुगतान की रसीद, UPI ID और स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें। जल्द शिकायत करने से धन रोकने या आगे की कार्रवाई की संभावना बेहतर हो सकती है, हालाँकि पैसे वापस मिलने की गारंटी नहीं है।
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- ऑनलाइन टास्क स्कैम से बचने के तरीके
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- साइबर क्राइम शिकायत 1930
- नौकरी तलाशने वाले अभ्यर्थियों की ऑनलाइन सुरक्षा
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या Telegram पर मिलने वाली हर भर्ती फर्जी होती है?
नहीं। लेकिन आवेदन करने से पहले भर्ती की पुष्टि संबंधित आयोग की आधिकारिक वेबसाइट से करें।
2. क्या नौकरी पाने के लिए रजिस्ट्रेशन फीस देना धोखाधड़ी का संकेत है?
निजी व्यक्ति या अनजान UPI खाते में पैसे माँगना गंभीर चेतावनी है। किसी भी शुल्क का भुगतान केवल आधिकारिक अधिसूचना में बताए गए तरीके से करें।
3. WhatsApp या Telegram पर ठगी होने पर कहाँ शिकायत करें?
1930 पर कॉल करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
4. क्या स्कैम करने वाले नंबर की रिपोर्ट कर सकते हैं?
हाँ। साइबर अपराध पोर्टल पर संदिग्ध WhatsApp नंबर, Telegram हैंडल और वेबसाइट की रिपोर्ट करने की सुविधा उपलब्ध है।
निष्कर्ष
अभ्यर्थियों को निशाना बनाने वाले Telegram और WhatsApp स्कैम नौकरी की उम्मीद और ऑनलाइन कमाई के लालच का फायदा उठाते हैं। किसी भी भर्ती, पेपर या कमाई के ऑफर पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि करें। सतर्क रहें, अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखें और ठगी होने पर तुरंत शिकायत दर्ज करें।